Wednesday, October 27, 2010

इबादत से अनजान था मै

"तेरी करम हुई या सितम मुझ पर,
इबादत से अनजान था मै,
खुदा से रंजिश रखनेवाले को ,
फकीर कर डाला ".

"रजनी मल्होत्रा नैय्यर "

3 comments:

  1. मनमोहक रचना ....
    आपको व आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ

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  2. होली की बहुत बहुत शुभकामनाये आपका ब्लॉग बहुत ही सुन्दर है उतने ही सुन्दर आपके विचार है जो सोचने पर मजबूर करदेते है
    कभी मेरे ब्लॉग पे भी पधारिये में निचे अपने लिंक दे रहा हु
    धन्यवाद्

    http://vangaydinesh.blogspot.com/
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