Wednesday, October 20, 2010

भूलने में मुझे जमाने लग जायेंगे

भूलने में मुझे जमाने लग जायेंगे,
चाहो तो आजमा कर देख लो.

आपके घर के हर ईट में बस गयी,
चाहो तो ईंटों से बुलवा कर देख लो.

"रजनी मल्होत्रा नैय्यर"

4 comments:

  1. Kitna wishwas hai apne pyar pe...apnee kashish pe! Bahut sundar rachana!

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  2. उम्दा पंक्तियाँ
    अथाह प्रेम का प्रकटीकरण

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  3. बहुत खूब ...........

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