Saturday, February 25, 2012

कैसे पत्थर को, लोग खुदा कर देते हैं

आ रही है समझ में  हर बात   परस्तिश  की "रजनी",
कैसे पत्थर    को,  लोग      खुदा     कर   देते  हैं |

7 comments:

  1. खूबसूरत पंक्तियां।

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  2. ये इंतिहा है ... पत्थर को खुदा ऐसे ही नहीं आना देते ... लाजवाब शेर ..

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  3. बहुत अच्छा शेर !
    यही जमाने का दस्तूर है।

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  4. अच्छी फुटकर शैर कही है .

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