"लिख दिया है नसीब मेरा,
तेरे ही तहरीर में,
हर लम्हा हैं तू ,
मेरे ताबीर में,
भूल से भी कैसे भूल जाऊं मैं,
तू तो बंध गया है,
मेरी सांसों की जंजीर में."
"रजनी नैय्यर मल्होत्रा"
तेरे ही तहरीर में,
हर लम्हा हैं तू ,
मेरे ताबीर में,
भूल से भी कैसे भूल जाऊं मैं,
तू तो बंध गया है,
मेरी सांसों की जंजीर में."
"रजनी नैय्यर मल्होत्रा"



बहुत खूब!
ReplyDeleteaabhar sameer ji .........
ReplyDelete........गजब कि पंक्तियाँ हैं ...
ReplyDeleteवाह सुंदर पंक्तियाँ ........
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