Tuesday, January 24, 2012

इतनी मेहरबानियाँ दिखला कर, तुने ऐ ज़िन्दगी

तुझसे मांगी मुस्कराहट, मुस्कराहट तुमने दे दी,
तुझसे मांगी जीने की चाहत ,चाहत तुमने दे दी,
तुझसे मांगी ग़मों से राहत, राहत तुने दे दी,
इतनी मेहरबानियाँ दिखला कर, तुने ऐ ज़िन्दगी ?
मुझे उम्रभर के वास्ते अपना कर्ज़दार बना दिया."रजनी"

8 comments:

  1. रजनी जी वाह...क्या बात है..बधाई स्वीकारें

    नीरज

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    1. Aisa qarz har kisee ke naseeb me nahee hota!

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    2. Niraj ji,Kshma ji,Sandhya ji..........mai aabhari hun aapsabhi ki.............

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  2. वाह...!
    चिंतन योग्य पंक्तियां।

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